टूथपेस्ट में लेड और अन्य भारी धातुओं की उपस्थिति
हाल ही में, उपभोक्ता सुरक्षा संगठन ‘लीड सेफ मामा’ द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि 51 टूथपेस्ट ब्रांड्स में से लगभग 90% में लेड, 65% में आर्सेनिक, 47% में मरकरी और 35% में कैडमियम जैसे भारी धातुएं पाई गईं। इनमें से कुछ उत्पादों में लेड की मात्रा वाशिंगटन राज्य की नई 1,000 पीपीबी सीमा से अधिक थी, हालांकि ये एफडीए की अधिक उदार सीमाओं (फ्लोराइड-फ्री टूथपेस्ट के लिए 10,000 पीपीबी और फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट के लिए 20,000 पीपीबी) के अंतर्गत थे।

लेड विषाक्तता के स्वास्थ्य प्रभाव
लेड विषाक्तता के लक्षणों में मेटालिक स्वाद, पेट दर्द, मतली, उल्टी, दस्त या कब्ज, सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोरी, भूख की कमी, याददाश्त की समस्या, हाथों या पैरों में झुनझुनी, और उच्च रक्तचाप शामिल हो सकते हैं। बच्चों में, यह विकास संबंधी समस्याएं, सीखने में कठिनाई, और व्यवहार में परिवर्तन का कारण बन सकता है।
टूथपेस्ट में लेड की उपस्थिति के कारण
टूथपेस्ट में लेड की उपस्थिति आमतौर पर हाइड्रोक्सीएपेटाइट, कैल्शियम कार्बोनेट, और बेंटोनाइट क्ले जैसे घटकों के कारण होती है, जो दांतों की सफेदी और मजबूती के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनमें से बेंटोनाइट क्ले विशेष रूप से उच्च स्तर की मिलावट से जुड़ा हुआ है।
बच्चों के लिए विशेष जोखिम
बच्चों के लिए लेड विषाक्तता विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि उनके शरीर और मस्तिष्क अभी विकासशील होते हैं। यह उनके विकास, व्यवहार, और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। यहां तक कि कम स्तर की लेड एक्सपोजर भी बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती है।
उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
- सामग्री की जांच करें: टूथपेस्ट खरीदते समय उसकी सामग्री सूची की जांच करें और हाइड्रोक्सीएपेटाइट, बेंटोनाइट क्ले, और कैल्शियम कार्बोनेट जैसे घटकों से युक्त उत्पादों से बचें।
- सुरक्षित ब्रांड चुनें: ऐसे ब्रांड्स का चयन करें जो स्वतंत्र परीक्षणों में लेड और अन्य भारी धातुओं से मुक्त पाए गए हों।
- बच्चों के लिए विशेष ध्यान: बच्चों के लिए विशेष रूप से सुरक्षित और प्रमाणित टूथपेस्ट का उपयोग करें।
- नियमित जांच: यदि आपको संदेह है कि आप या आपके बच्चे लेड के संपर्क में आए हैं, तो चिकित्सकीय परामर्श लें और आवश्यक परीक्षण करवाएं।

निष्कर्ष
टूथपेस्ट जैसे दैनिक उपयोग के उत्पादों में लेड और अन्य भारी धातुओं की उपस्थिति एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता है। उपभोक्ताओं को जागरूक रहना चाहिए, उत्पादों की सामग्री की जांच करनी चाहिए, और सुरक्षित विकल्पों का चयन करना चाहिए। सरकार और नियामक एजेंसियों को भी इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
