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टेस्ला की दिल्ली में दस्तक और भारत के EV मार्केट में नई हलचल

टेस्ला की दिल्ली में एंट्री
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य जिस तेजी से करवट ले रहा है, उसे देखकर लगता है कि हम जल्द ही एक नई क्रांति के गवाह बनने वाले हैं। इस क्रांति का सबसे नया और चमकदार चेहरा बनकर आया है, दुनिया की सबसे मशहूर इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला। पिछले महीने मुंबई में अपने पहले कदम रखने के बाद, टेस्ला ने अब देश की राजधानी दिल्ली में अपना दूसरा एक्सपीरियंस सेंटर खोलकर भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने का इरादा साफ कर दिया है। यह सिर्फ एक शोरूम नहीं, बल्कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के एक नए युग की शुरुआत है।

Courtesy – Indian Express

 

मुंबई के बाद दिल्ली क्यों?

टेस्ला के लिए भारत में अपने सफर की शुरुआत मुंबई से करना एक रणनीतिक कदम था। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और वहां के ग्राहक नई टेक्नोलॉजी और लग्जरी उत्पादों को अपनाने में हमेशा आगे रहते हैं। लेकिन, दिल्ली-एनसीआर का बाजार इससे भी कहीं बड़ा और महत्वपूर्ण है। यह इलाका न सिर्फ एक विशाल उपभोक्ता वर्ग का केंद्र है, बल्कि यहां प्रदूषण की समस्या भी एक बड़ा मुद्दा है। ऐसे में, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना यहां की एक बड़ी जरूरत है।

टेस्ला ने इसे बखूबी समझा और 11 अगस्त 2025 को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट के पास स्थित वर्ल्डमार्क 3, एयरोसिटी में अपने शानदार शोरूम का उद्घाटन किया। यह जगह अपनी बेहतरीन कनेक्टिविटी और उच्च-स्तरीय व्यावसायिक माहौल के लिए जानी जाती है, जो टेस्ला के प्रीमियम ब्रांड को पूरी तरह सूट करती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला ने इस 8,200 वर्ग फुट के विशाल स्पेस को 9 साल के लिए लीज पर लिया है, जिससे यह साफ होता है कि कंपनी का इरादा यहां सिर्फ कुछ समय के लिए नहीं, बल्कि एक लंबी पारी खेलने का है।

Courtesy – The Hindu

 

क्या मिलेगा इस नए एक्सपीरियंस सेंटर में?

यह नया शोरूम सिर्फ गाड़ी खरीदने की जगह नहीं है, बल्कि यह टेस्ला की दुनिया का एक अनुभव है। यहां ग्राहक कंपनी की एकमात्र लॉन्च की गई कार Model Y को करीब से देख सकते हैं, उसकी टेक्नोलॉजी को समझ सकते हैं और सबसे बढ़कर, टेस्ट ड्राइव लेकर उसके शानदार अनुभव को महसूस कर सकते हैं। यह शोरूम दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद जैसे पूरे एनसीआर के ग्राहकों को सेवा देगा, जिससे उन्हें अब टेस्ला का अनुभव लेने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

इसके साथ ही, टेस्ला ने दिल्ली में अपनी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की भी योजना बनाई है। खबरों के अनुसार, कंपनी दिल्ली-एनसीआर में साकेत, एयरोसिटी, नोएडा और गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर अपने V4 सुपरचार्जर स्थापित करने की तैयारी में है। ये सुपरचार्जर न सिर्फ तेज चार्जिंग की सुविधा देंगे, बल्कि इनकी लंबी केबल भी ग्राहकों के लिए सुविधाजनक होगी।

Courtesy – bhartirealestate.com

 

टेस्ला की पहली पेशकश: Model Y

भारत में टेस्ला की पहली कार Model Y है, जो एक इलेक्ट्रिक मिडसाइज एसयूवी है। इसे दो वेरिएंट में पेश किया गया है – 

  1. Rear-Wheel Drive (RWD) – इसकी शुरुआती कीमत करीब ₹60 लाख है। यह फुल चार्ज में 500 किलोमीटर तक की रेंज देती है और 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 5.9 सेकंड में पकड़ सकती है।
  2. Long Range Rear-Wheel Drive (LR RWD) – इसकी कीमत ₹68 लाख से शुरू होती है। यह एक बार चार्ज होने पर 622 किलोमीटर की रेंज देती है और 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार 5.6 सेकंड में हासिल कर लेती है।

इन दोनों वेरिएंट में ग्राहकों को Full Self-Driving (FSD) पैकेज का विकल्प भी मिलता है, जिसके लिए अतिरिक्त ₹6 लाख देने होंगे। इसके अलावा, ग्राहक अपनी पसंद के छह रंगों में से किसी एक को चुन सकते हैं, जिसमें स्टील्थ ग्रे स्टैंडर्ड कलर है। इंटीरियर में काले और सफेद रंग के विकल्प उपलब्ध हैं।

भारत का बढ़ता EV बाजार और टेस्ला की चुनौती

टेस्ला का भारत में आना कोई सामान्य घटना नहीं है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। नीति आयोग की ‘इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्य EV अपनाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सबसे आगे हैं। 2024 तक भारत में 7.7% वाहन बिक्री इलेक्ट्रिक वाहनों की थी, और 2025 में यह आंकड़ा 6.5 मिलियन से अधिक EV के साथ और भी बढ़ गया है।

हालांकि, टेस्ला के लिए भारत में राह इतनी आसान भी नहीं है। उसे घरेलू दिग्गजों जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा से कड़ी टक्कर मिलेगी, जो पहले से ही अलग-अलग प्राइस रेंज में कई इलेक्ट्रिक मॉडल पेश कर रहे हैं। टाटा की Nexon EV और Punch EV, और महिंद्रा की XUV400 EV ने पहले ही बाजार में अपनी मजबूत जगह बना ली है। इसके अलावा, BYD, MG और Hyundai जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी भारतीय बाजार में मौजूद हैं।

इन चुनौतियों के बावजूद, टेस्ला का ब्रांड नाम, उसकी अत्याधुनिक तकनीक और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर उसका जोर, उसे एक बड़ा प्रतिस्पर्धी बनाता है। भारत सरकार की EV नीतियों और इलेक्ट्रिक वाहनों पर कम हुई आयात शुल्क (जो 40,000 डॉलर से अधिक कीमत वाली EVs पर 100% से घटाकर 70% कर दी गई है) ने भी टेस्ला जैसे वैश्विक खिलाड़ियों के लिए भारत के दरवाजे खोल दिए हैं।

एक उज्जवल भविष्य की ओर

टेस्ला का दिल्ली में शोरूम खोलना सिर्फ एक व्यापारिक फैसला नहीं है, बल्कि यह भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल ग्राहकों को एक शानदार विकल्प देगा, बल्कि अन्य वाहन निर्माताओं को भी अपने EV पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। यह साफ है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य उज्जवल है, और टेस्ला इस उज्जवल भविष्य की एक अहम कड़ी बनने जा रही है।

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