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टीo राजा सिंह का BJP से इस्तीफा – क्या यह राजनीति का नया मोड़ है?

बीजेपी के भीतर मची हलचल

तेलंगाना में BJP की ताज़ा हलचल ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। पार्टी के गोशामाहल सीट के तीन बार चुने गए विधायक, T Raja Singh ने 30 जून 2025 को BJP छोड़ दी। इसकी वजह थी—रामचंद्र राव के तेलंगाना BJP अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला। सिंह की नाराज़गी ने पार्टी की रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं

Courtesy – Bhartya Janta Party

 

कौन हैं T Raja Singh?

नाम: ठाकुर राजा सिंह लोढ़ (जन्म: 15 अप्रैल 1977, हैदराबाद)

प्रतिनिधित्व: हैदराबाद के गोशामाहल विधानसभा क्षेत्र

कार्यकाल: 2014, 2018, 2023 में लगातार तीन बार जीते

पहचान: “फायरब्रांड Hindutva नेता”, आपत्तिजनक टिप्पणियों और साम्प्रदायिक भाषण के लिए विवादित रहे; 2022 में सस्पेंड, 2023 में बहाल

राजा सिंह को BJP का चेहरा माना जाता है, विशेषकर हिंदूत्वा के कड़े विचारों के लिए। उन पर 100+ आपराधिक मामले दर्ज हैं लेकिन वे लगातार राजनीति में सक्रिय रहे।

Courtesy – India Today

 

इस्तीफे की पृष्ठभूमि

राजा सिंह का इस्तीफा  Ramachander Rao के भाजपा तेलंगाना अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आया। वे इस फैसले से नाराज़ थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों को ब्लैकमेल किया गया, और उन्हें रोकने के लिए धमकियाँ दी गईं।

राजा सिंह लिखते हैं:

“मैंने 3 विधानसभाओं में जीत हासिल की है, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने मेरी उपेक्षा की। तय समय पर नामांकन के प्रयास में भी बाधाएं डाली गईं।”

उनका कहना था कि यह निर्णय लाखों कार्यकर्ताओं की पीड़ा और उम्मीदों के खिलाफ है।

भाजपा नेतृत्व का रुख

BJP ने तुरंत जवाब दिया कि यह निर्णय पार्टी हाई-कमान का है और इसमें हिंडुत्व वचनबद्धता ही प्रमुख है, न कि शोहरत या मीडिया छवि।

राजा सिंह के इस्तीफे के बाद BJP ने यह भी स्पष्ट किया:

“हमें substance चाहिए न कि spectacle (प्रोपगेंडा)। रामचंदर राव के पास शांत
नीति आधारित नेतृत्व की क्षमता है।” 

कौन हैं नए अध्यक्ष  – Ramachander Rao?

  • नाम: नारपाराजु रामचंदर राव, जन्म 27 अप्रैल 1959 
  • शिक्षा: MA और LLB (Osmania University) 
  • करियर: वरिष्ठ ABVP नेता, BJP के कई पदों पर। 2015–21 तक MLC, पूर्व BJP Hyderabad अध्यक्ष

उनकी नियुक्ति को “ग्रामीण और ब्राह्मण वोट बैंक में BJP की पैठ” के रूप में देखा गया है। पार्टी हाई-कमान इसे सशक्त संगठनात्मक नेतृत्व के कदम के रूप में प्रस्तुत कर रहा है ।

Courtesy – Business Standard

 

धरातल पर क्या हो रहा है?

राजा सिंह के इस्तीफे ने Telangana BJP में विद्रोह की हवा बना दी।

Eatala Rajender, BJP सांसद, भी प्रमुख कार्यक्रमों से दूर रहे—इससे संगठनात्मक शक्ति संघर्ष का संकेत मिला।

अन्य विधायकों और कार्यकर्ताओं ने भी न्यूनतम सूचना दिए निर्णयों पर सवाल उठाए हैं।

इसी बीच, 2023 में BJP ने राज्य में 8 सीटें जीती थीं, लेकिन उसके अंदरूनी घाव अब, सरकार पर गहरा असर डाल रहे हैं ।

राजनैतिक प्रभाव

राजा सिंह का पलटवार केवल व्यक्तिगत नहीं—यह एक रणनीतिक चेतावनी है।

2023 चुनाव से अब Telangana BJP MLA संख्या में 8 है, लेकिन फिलहाल संगठनात्मक असंतोष ने गठबंधन रणनीति को कमजोर किया है।

प्रदेश इकाई चुनाव अगली बार होने वाले आम चुनाव में वोट बैंक पर असर डाल सकते हैं।

राजा सिंह का कहना है कि BJP अगर अभी सही नेतृत्व नहीं चुनेंगे तो वोट बैंक विभाजन होगा।

भाजपा की प्रतिक्रिया
BJP ने Raja Singh को “भक्त, नेता और तेज़-तर्रार कार्यकर्ता” कहा, लेकिन उनकी क्रांति को खारिज किया ।
High Command का रवैया स्पष्ट है:

  1. संतुलित संगठन
  2. Ramachander Rao पर भरोसा
  3. Dissident नेताओं को डिसिप्लिन का पाठ पढ़ाना

बीजेपी अब उन कार्यकर्ताओं को पहचानने पर उतारू है जो पार्टी लाइन को चुनौती दे रहे हैं।

मीडिया, जनता और सोशल मीडिया

पार्षद और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया, “यह निचले स्तर के लोकतंत्र की हत्या है।”
सोशल मीडिया पर hashtags #RajaSinghQuitBJP चल रहा हैं; X पर समर्थन-अवज्ञा दोनों चल रहे हैं।
बड़ी मीडिया जैसे ThePrint ने लिखा, यह ‘substance vs spectacle’ का द्वन्द्व है 

दूसरी ओर, TOI, ET, NDTV जैसे प्रतिष्ठित स्रोतों ने इसकी चर्चा नेतृत्व परिवर्तन की रणनीति के रूप में की है।

निष्कर्ष

राजा सिंह का इस्तीफा केवल आक्रोश का संकेत नहीं, बल्कि यह बेहतरीन उदाहरण है कि भारत में विचारों का चुनाव हो सकता है।

क्या BJP समझौते पर बनी रहेगी, या

क्या Raja Singh जैसे नेताओं के बिना स्थानीय आक्रोश (Anti Incumbency) दब जाएगा?

Telangana चुनाव 2028 से पहले ये बदलाव और तनाव BJP को एक नया चेहरा देने के लिए मजबूर करेंगे। स्थिर नेतृत्व और ground-level सक्रियता ही पार्टी को पैर ज़माने में मदद करेगी।

अब आगे क्या होगा?

पार्टी हाई-कमान क्या फैसला करेगा?
क्या Raja Singh वापस जुड़ने की इच्छा जताएंगे?
Ramachander Rao को मिशन Telangana BJP में कितनी सफलता मिलेगी?

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