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पाकिस्तान के कराची पोर्ट पर भारतीय हमले की सच्चाई क्या है?

9 मई 2025 को कराची पोर्ट ट्रस्ट (Karachi Port Trust) के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट सामने आया, जिसमें दावा किया गया कि भारतीय हमले के कारण कराची पोर्ट (Karachi Port Trust of Pakistan) को भारी नुकसान हुआ है। पोस्ट में कहा गया कि “कराची पोर्ट को भारत के हमले के बाद भारी नुकसान हुआ है, जिससे संपत्ति का भयंकर  नुकसान हुआ है। आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रयास जारी हैं। बहाली पर नियमित अपडेट प्रदान किए जाएंगे। हम दृढ़ हैं।”

Courtesy : The Economic Times

 

हालांकि, कुछ ही समय बाद KPT ने एक अन्य पोस्ट में स्पष्ट किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था और कराची पोर्ट सुरक्षित और संरक्षित है। उन्होंने लिखा, “अकाउंट हैक हो गया था! कराची पोर्ट सुरक्षित और संरक्षित है!” 

Courtesy : The Economic Times

 

इस बीच, सोशल मीडिया पर कराची पोर्ट (Karachi Port Trust) पर भारतीय नौसेना (Indian Navy) के हमले के वीडियो और दावे वायरल हो गए। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि INS विक्रांत ने कराची पोर्ट पर मिसाइलें दागीं, जिससे महत्वपूर्ण सैन्य और आर्थिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों (Defence Experts) का मानना है कि यह घटना दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम हो सकती है, लेकिन कराची पोर्ट पर वास्तविक हमले की पुष्टि नहीं हुई है। भारत और पाकिस्तान दोनों ने हाल ही में एक-दूसरे पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के आरोप लगाए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। 

इस घटना ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की याद दिला दी है, जब भारतीय नौसेना ने कराची पोर्ट पर ऑपरेशन ट्राइडेंट और ऑपरेशन पाइथन के तहत हमले किए थे, जिससे पाकिस्तान की नौसेना को भारी नुकसान हुआ था।

वर्तमान स्थिति में, कराची पोर्ट पर भारतीय हमले की पुष्टि नहीं हुई है, और KPT ने अपने अकाउंट के हैक होने की जानकारी दी है। इसलिए, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है।

निष्कर्ष:

कराची पोर्ट पर भारतीय हमले की खबरें फिलहाल अपुष्ट हैं। KPT (Karachi Port Trust)ने अपने अकाउंट के हैक होने की बात कही है, और कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए, इस विषय पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों की प्रतीक्षा करनी चाहिए।

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