परिचय
नॉर्वे चेस (Norway Chess) 2025 टूर्नामेंट में भारतीय ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश ने पूर्व विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen) को हराकर इतिहास रच दिया। यह जीत न केवल गुकेश की पहली क्लासिकल जीत (Classical Victory) थी, बल्कि भारतीय शतरंज के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी साबित हुई।

मुकाबले का विवरण
मैच की शुरुआत में कार्लसन ने मजबूत स्थिति बना ली थी और अधिकांश समय तक बढ़त बनाए रखी। हालांकि, समय की कमी और दबाव के चलते उन्होंने एक महत्वपूर्ण गलती कर दी, जिसका फायदा उठाकर गुकेश ने खेल को पलट दिया और 62 चालों में जीत हासिल की।
कार्लसन की प्रतिक्रिया
हार के बाद कार्लसन ने गुस्से में टेबल पर मुक्का मारा, जिससे कुछ मोहरे गिर गए। उन्होंने गुकेश से हाथ मिलाया और बाद में अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी।
गुकेश की विनम्रता
गुकेश ने अपनी जीत को “भाग्यशाली दिन” (‘lucky day‘) बताया और कहा, “99 में से 100 बार मैं हार जाता, लेकिन आज किस्मत साथ थी।” उन्होंने कार्लसन के गुस्से पर भी संयमित प्रतिक्रिया दी और कहा, “मैंने भी कई बार टेबल पर हाथ मारा है।”
सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
कार्लसन के व्यवहार की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई, जबकि गुकेश की प्रशंसा की गई। लोगों ने गुकेश की संयमितता और खेल भावना की सराहना की।
भारतीय शतरंज का उदय
गुकेश की यह जीत भारतीय शतरंज के लिए एक नई शुरुआत है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

टूर्नामेंट की स्थिति
इस जीत के बाद गुकेश 8.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि कार्लसन और फेबियानो करूआना 9.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं।
निष्कर्ष
डी. गुकेश की यह जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय शतरंज के लिए एक नई दिशा भी है। उनकी विनम्रता और खेल भावना ने उन्हें सच्चा चैंपियन बना दिया है।
