जनरल

जब दुनिया की AI थम गई वैश्विक आउटेज (World Outrage) की पूरी कहानी

प्रस्तावना 

10 जून 2025 की दोपहर थी। रोज़ की तरह लाखों लोग ऑफिस में रिपोर्ट बना रहे थे, छात्र अपने असाइनमेंट पूछ रहे थे, क्रिएटिव लेखक स्क्रिप्ट्स बना रहे थे और रिसर्चर नई थ्योरी समझ रहे थे ChatGPT के ज़रिए — तभी अचानक एक मेसेज आता है “Hmm… something went wrong.”

शुरू में लगा नेटवर्क की दिक्कत होगी, लेकिन देखते ही देखते ट्विटर और रेडिट पर हैशटैग #ChatGPTDown ट्रेंड करने लगा। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन समेत दुनिया भर के लाखों उपयोगकर्ताओं को समझ नहीं आ रहा था कि उनके डिजिटल साथी को क्या हो गया?

OpenAI के अनुसार, यह एक तकनीकी त्रुटि के कारण हुआ जो उनके मुख्य मॉडल सर्वर को प्रभावित कर रही थी। यह आउटेज (Outrage) ना केवल ChatGPT वेबसाइट पर बल्कि API, Sora और अन्य सेवाओं पर भी असर डाल रहा था।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से बताएंगे कि यह आउटेज (Outrage) क्या था, कैसे हुआ, क्यों हुआ, और इसका प्रभाव कितना व्यापक था। साथ ही यह भी समझेंगे कि क्या AI पर हमारी निर्भरता अब एक खतरे की घंटी बनती जा रही है?

Courtesy – The Economic Times

 

10 जून 2025, भारतीय समयानुसार लगभग 2:45 बजे दोपहर से उपयोगकर्ताओं को ChatGPT पर समस्याएँ आने लगीं। सबसे पहले लॉगिन और चैटबॉक्स ओपन होने में देरी देखी गई। फिर आने लगे एरर मैसेज — “Network Error”, “Something went wrong”, और “Internal server error”

कुछ ही मिनटों में ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूज़र्स ने स्क्रीनशॉट शेयर करना शुरू कर दिया। सबसे ज्यादा असर उन यूज़र्स पर पड़ा जो ChatGPT Plus और GPT-4o का उपयोग कर रहे थे। Free वर्ज़न कुछ देर बाद पूरी तरह बंद हो गया।


डाउनडिटेक्टर (DownDetector) पर आंकड़े और यूज़र्स की हड़बड़ी

वेबसाइट ‘DownDetector’ पर शाम 3 बजे तक 50,000 से ज्यादा रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी थीं। इनमें 38% लॉगिन फेलियर, 34% चैट रिस्पॉन्स की समस्या और 28% पेज लोडिंग एरर (Erorr) की शिकायतें थीं।

यूज़र्स ने बताया कि वे कुछ भी टाइप कर रहे थे तो ChatGPT बिना जवाब दिए बस खाली स्क्रीन दे रहा था। कुछ उपयोगकर्ताओं के लिए पुराने चैट्स भी गायब हो गए थे।


कौन-कौन सी सेवाएं प्रभावित हुईं?

  1. ChatGPT Web App – पूरी तरह से डाउन
  2. ChatGPT iOS और Android ऐप – ‘Retry’ पर अटका
  3. OpenAI API – डेवलपर्स को सर्वर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली
  4. Sora (Text-to-Video) – Beta तक बंद
  5. OpenAI Playground – Internal Error
  6. Enterprise Solutions – GPT for Excel, Word आदि में response बंद

OpenAI की प्रतिक्रिया और तकनीकी स्थिति


शाम 4:00 बजे OpenAI ने अपनी Status Page पर अपडेट दिया:

“We are investigating an issue that is causing degraded performance across ChatGPT and API platforms. Our team is working to resolve it.”

रात 8 बजे तक OpenAI ने Root Cause को Identify किया:

“An infrastructure-level bug triggered overload in model dispatch system.”

रात 10 बजे OpenAI ने आंशिक बहाली शुरू की, और 11 जून सुबह 4 बजे तक सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो चुकी थीं।


सोशल मीडिया का तूफान

ट्विटर पर #ChatGPTDown पूरे दिन ट्रेंड करता रहा। लोगों ने ChatGPT के बंद होने को लेकर मज़ाकिया मीम्स भी बनाए:

  • “जब ChatGPT डाउन हो, तो घर में पापा से बात करनी पड़ती है।”
  • “मेरे असाइनमेंट की जान गई… ChatGPT बैन हो गई।”
  • “ChatGPT डाउन है, अब खुद से सोचो। डरावना है।”

कुछ यूज़र्स ने OpenAI को टैग कर गुस्सा भी निकाला। वहीं कई लोगों ने इसे एक जरूरी ब्रेक बताया — “चलो! इंसान फिर से सोचने लगा।”


आउटेज का दुनिया पर असर

भारत:

  • छात्र और स्टूडेंट्स खासे परेशान हुए
  • कंटेंट क्रिएटर, डिजिटल मार्केटर्स को काम रोकना पड़ा
  • कस्टमर सर्विस चैटबॉट बंद हो गए

अमेरिका:

  • कई कॉर्पोरेट सिस्टम्स जो GPT API पर आधारित थे, डाउन हो गए
  • Healthcare चैटबॉट और रिसर्चर प्रभावित

ब्रिटेन:

  • शिक्षा संस्थानों और पब्लिक सर्विस बॉट्स में देरी


पिछली घटनाओं की झलक

यह पहली बार नहीं है कि ChatGPT डाउन हुआ है। अप्रैल 2024 में भी एक बड़ा आउटेज आया था, जो कि API load misconfiguration के कारण हुआ था। तब भी लगभग 6 घंटे के लिए सेवाएं बाधित रहीं थीं।

इसके अलावा मार्च 2024 और दिसंबर 2023 में भी छोटे-मोटे आउटेज देखे गए थे। हर बार OpenAI ने कम समय में बहाली की, लेकिन यूज़र्स की चिंता लगातार बढ़ रही है।

सवाल जो खड़े हुए

    • क्या हम AI पर बहुत अधिक निर्भर हो गए हैं?
    • क्या GPT आधारित सेवाओं को Offline Backup देना जरूरी है?
    • OpenAI जैसी कंपनियों के लिए क्या Failover सिस्टम मजबूत हैं?
    • क्या Paid सब्सक्रिप्शन वालों को SLA (Service Level Assurance) देना जरूरी है?

समाधान क्या हो सकते हैं?

    1. यूज़र्स को ऑफलाइन विकल्प तैयार रखने चाहिए
    2. कंपनियों को multi-AI model strategy अपनानी चाहिए
    3. OpenAI को सर्वर redundancy और transparency बढ़ानी चाहिए
    4. यूज़र्स को real-time status alert की सुविधा मिलनी चाहिए

निष्कर्ष: 

ChatGPT का डाउन होना सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी, यह हमारे सोसाइटी के उस नए युग की असलियत थी जहां इंसान ने मशीन पर भरोसा कर लिया है। जैसे ही मशीन रुकती है, इंसान खुद को बेबस पाता है।

यह जरूरी है कि हम टेक्नोलॉजी का उपयोग करें लेकिन उस पर निर्भर न हों। AI मदद कर सकता है, लेकिन जीवन की जिम्मेदारी इंसान को ही उठानी होगी।

OpenAI ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन यह घटना दिखाती है कि भविष्य में हर यूज़र और संस्थान को अपने Backup और विकल्प तैयार रखने होंगे।

AI शानदार है, लेकिन इंसानी समझदारी से ही चल पाएगा।

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