कैसे Aamir Khan की प्रेरक कहानी दे रही है ‘Housefull 5’ को नई चुनौती, और दोनों फिल्मों की राह को आसान और समझदार बनाती हुई पढ़ें यह ब्लॉग


एक नई शुरुआत
20 जून को रिलीज़ हुई आमिर खान की ‘Sitaare Zameen Par’…। नाम से ही लग गया—कुछ ख़ास है! फिल्म में आमिर एक बास्केटबॉल कोच बने हैं, जो दिव्यांग खिलाड़ियों की टीम को न सिर्फ ट्रेन करता है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास की नई उड़ान भी देता है। यह फिल्म भावनाओं से भरी है, और लोगों को उम्मीदों से जोड़े रखती है।
शुरुआती टिकट बुकिंग
अगर आपने सुना हो—यह फिल्म शुरूआती दिनों में भारी जीत दर्ज करने जा रही है—तो थोड़ा रुकिए। इंसानों की तरह, फिल्मों की भी शुरुआत होती है। इस फिल्म के टिकट पहले से बुक थे, पर रिकॉर्ड तोड़ लेवल तक नहीं। तो सवाल उठा—क्या आमिर की ज़ुबानी (word of mouth) ही काफी होगी?
आमिर की फिल्म की कमाई
20 जून को फिल्म ने पहले ही दिन लगभग ₹7 करोड़ (net) की कमाई की। आमिर खान जैसी फिल्मों के लिए यह ‘ओपनिंग डे’ थोड़ा कम लग सकता है। पर यह कोई फ्लॉप शुरूआत नहीं—बस एक धीमी, सोच-समझ कर की गई शुरुआत है।
‘Housefull 5’ अगर ₹174–200 करोड़ क्लब की बात कर रही थी, तो यह आमिर की फिल्म उससे पीछे नहीं है… लेकिन अभी।
ट्रेड एक्सपर्ट्स का तर्क
ये कोई सामान्य आमिर की फिल्म नहीं है — कहीं तमाशा, कहीं ड्रामा, बल्कि एक सीरियस कहानी।
Trade विशेषज्ञ कहते हैं कि यह फिल्म ‘वर्ड-ऑफ़-माउथ’ पर भरोसा रख मार्केटिंग कर रही थी, यानि अगर घर-परिवार, दोस्त और जानकार इसे देखेंगे और पसंद करेंगे—तब आगे फायदा होगा!
CBFC की एडिटिंग
फ़िल्म में कुछ शब्द बदले गए—जैसे ‘माइकल जैक्सन’ की जगह ‘Lovebirds’, ‘Business Woman’ की जगह ‘Business Person’…
CBFC ने ऐसा करने के कुछ सामाजिक और कारण बताए कि हर किसी के भावनाओं का सम्मान हो और कहानी साफ़-सुथरी रहे।
दर्शकों की प्रतिक्रिय
रिलीज़ वाले दिन शाम तक बुकिंग ने फिर जोर पकड़ा—10,000 टिकट पार की गई!
परीवार और दोस्तों में फिल्म की चर्चा थी—बहुत-से लोग थिएटर से निकलते हुए रोते-हँसते दिखे!
यह साफ़ दिखाता है कि फ़िल्म की छाप अभी पब्लिक में फैल रही है।
Housefull 5 पर असर क्या होगा?
‘Housefull 5’ अभी हिट चल रही है…और आमिर की फिल्म ने इसे प्रभावित जरूर किया है।
कई multiplexes में शो कम हो गए, लेकिन इस कॉमेडी फिल्म की ताक़त अभी भी बरकरार है—₹3–4 करोड़ प्रतिदिन कमाई कर रही है।
पब्लिक पर कहानी का असर
दोनों फिल्मों का फर्क बड़ा साफ़ है—
‘Housefull 5’ मनोरंजन करती है, हल्की-फुल्की हँसी ठहाके।
वहीं ‘Sitaare Zameen Par’ भीतर तक छू जाती है, प्रेरित करती है, दिल से जोड़ती है।
आमिर की ये फिल्म दिल और भावनाओं की राह पर चलती हुई दिखाई दे रही है, और यह असर अब धीरे-धीरे बढ़ेगा।

भविष्य की राह
अगर ये फिल्म लोग-और-समाज तक पहुंच बना सकी तो ₹50 करोड़ से ऊपर नेट कमा सकती है। “वर्ड-ऑफ़-माउथ” टिकट से तेज़ है!
‘Housefull 5’ की कमाई अभी ज़ोरों पर है, लेकिन उसकी ऊंचाई लगभग तय लग रही है—अब नई चुनौती आमिर की गंभीर थिएटर फ़िल्म है।
दिल में बैठने वाली कहानी बनाम हल्की हँसी का सफ़र
दोनों तरह की फ़िल्में ज़रूरी हैं—
एक हमें हंसाती है, पल भर के लिए रंगीन पल देती है,
तो दूसरी हमें प्रेरित करती है, और लम्बे समय तक याद रहती है।
आपका क्या कहना है?
क्या आपका आमिर की फिल्म देखने का मन बना? या फिर हल्की हँसी-ठिठोली वाली फिल्म का मज़ा लेंगे?
कमेंट करें, हम सुनना चाहेंगे।
