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ओवल का मैदान, भारत का जश्न जब आखिरी दिन टीम इंडिया ने पलट दिया इतिहास और सीरीज हुई 2-2 से बराबर

यहाँ ओवल टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत पर एक विस्तृत और आकर्षक हिंदी न्यूज़ ब्लॉग प्रस्तुत है:-

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ओवल का मैदान, भारत का जश्न  

जब आखिरी दिन टीम इंडिया ने पलट दिया इतिहास, सीरीज हुई 2-2 से बराबर!

क्रिकेट, एक ऐसा खेल जो सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भावनाओं का एक ज्वार है। और जब बात हो टेस्ट क्रिकेट की, तो वह भावनाओं का एक महासागर बन जाता है, जहाँ हर गेंद एक कहानी कहती है, हर विकेट एक मोड़ लाता है और हर दिन एक नया अध्याय लिखता है। भारत और इंग्लैंड के बीच द ओवल (The Oval) में खेला गया पाँचवाँ टेस्ट मैच भी कुछ ऐसा ही था – एक ऐसा रोमांचक महाकाव्य, जिसकी स्क्रिप्ट किसी ने नहीं लिखी थी।
जब मैच का चौथा दिन खत्म हुआ, तो माहौल में तनाव और उम्मीद दोनों ही घुली हुई थी। इंग्लैंड को जीत के लिए केवल 35 रन चाहिए थे, जबकि भारत को चार विकेटों की तलाश थी। एक नज़र में, इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रहा था। लेकिन टीम इंडिया ने हार मानना नहीं था। यह मैच सिर्फ एक जीत या हार का सवाल नहीं था, यह पूरी सीरीज को बराबर करने और भारत की ‘फाइटिंग स्पिरिट’ को साबित करने का मौका था। और पाँचवाँ दिन शुरू होते ही, भारत की उस ‘स्पिरिट’ ने एक बार फिर इतिहास रच दिया।

क्रिकेट, एक ऐसा खेल जो अपनी अनिश्चितता के लिए जाना जाता है। एक पल में जीत की उम्मीद होती है, तो दूसरे ही पल हार का डर सताने लगता है। भारत और इंग्लैंड के बीच द ओवल (The Oval) में खेला गया पाँचवाँ और निर्णायक टेस्ट मैच भी इसी अनिश्चितता का चरम था। यह सिर्फ एक मैच नहीं था, बल्कि जुझारूपन, दृढ़ संकल्प और एक ऐसे नायक की कहानी थी, जिसने हार के कगार से टीम इंडिया को एक अविश्वसनीय जीत दिलाई। 6 रन की इस रोमांचक जीत के साथ, भारत ने सीरीज को 2-2 से बराबर कर दिया, और यह साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का नया युग आ चुका है।

जब मैच का पाँचवाँ दिन शुरू हुआ, तो इंग्लैंड 339 रन पर 6 विकेट गंवा चुका था और उसे जीत के लिए सिर्फ 35 रनों की ज़रूरत थी, जबकि भारत को 4 विकेटों की तलाश थी। सभी की नज़रें इस बात पर थीं कि क्या इंग्लैंड आसानी से यह लक्ष्य हासिल कर पाएगा। लेकिन भारतीय खेमे में एक अलग ही आत्मविश्वास था, जिसकी अगुवाई कर रहे थे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj)।

सिराज का जादू और जीत का जश्न

चौथे दिन के अंत में, जब बारिश के कारण खेल रुका था, तब इंग्लैंड मजबूत स्थिति में लग रहा था। लेकिन पाँचवें दिन की सुबह, सिराज ने अपनी गेंदबाजी से जो जादू दिखाया, उसने सब कुछ बदल दिया। अपने पहले ही ओवर में, उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाज़ जैमी स्मिथ (Jamie Smith) को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके तुरंत बाद, उन्होंने एक शानदार यॉर्कर (Yorker) से जैमी ओवरटन (Jamie Overton) को पवेलियन भेज दिया।

Courtesy – Free Press Journal

 

सिराज के इन दो विकेटों ने मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया। इंग्लैंड 354/8 के स्कोर पर लड़खड़ाने लगा। इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) ने जोश टोंग (Josh Tongue) को आउट किया और इंग्लैंड की आखिरी उम्मीद भी टूटने लगी। लेकिन इंग्लैंड के लिए क्रिस वोक्स (Chris Woakes) ने चोटिल होने के बावजूद एक हाथ से बल्लेबाजी करने का साहसिक फैसला किया, जबकि गस एटकिंसन (Gus Atkinson) ने एक छक्का लगाकर जीत की उम्मीद जगाए रखी।

लेकिन सिराज के इरादे कुछ और ही थे। उन्होंने अपनी आखिरी गेंद से एटकिंसन को क्लीन बोल्ड कर दिया। गेंद विकेटों से जा टकराई और पूरा भारतीय खेमा खुशी से झूम उठा। भारत ने यह मैच 6 रन के बेहद कम अंतर से जीतकर इतिहास रच दिया। यह भारत की टेस्ट क्रिकेट इतिहास में रनों के लिहाज़ से सबसे छोटी जीत थी। यह जीत सिर्फ एक मैच की नहीं, बल्कि एक सीरीज में हुए संघर्ष, जुनून और वापसी का प्रतीक थी।

गिल की कप्तानी और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का ताज

इस ऐतिहासिक जीत के बाद, अगर किसी खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा हुई, तो वह कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) थे। बतौर कप्तान यह गिल का पहला बड़ा असाइनमेंट था और उन्होंने इसे पूरी तरह से सफल बनाया। पूरे सीरीज में उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया और 754 रनों के साथ वह सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे। उन्हें उनकी इस शानदार परफॉर्मेंस के लिए भारत की तरफ से ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ (Player of the Series) का पुरस्कार भी दिया गया।

Courtesy – News18

 

गिल ने अपनी कप्तानी से भी प्रभावित किया। मुश्किल परिस्थितियों में सही गेंदबाजों का उपयोग करना, खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखना, और मैदान पर शांत रहकर फैसले लेना, ये सब उनकी कप्तानी के महत्वपूर्ण पहलू थे। इस जीत के बाद उन्होंने कहा कि टीम इंडिया हार मानने वालों में से नहीं है और यह जीत पूरे टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

सीरीज में रोमांच 

इस सीरीज में दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड ने पहला टेस्ट हेडिंग्ले में जीता, भारत ने दूसरे टेस्ट में बड़ी जीत दर्ज की, इंग्लैंड ने तीसरा टेस्ट अपने नाम किया और चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा। ऐसे में द ओवल का यह मैच निर्णायक साबित हुआ। यह सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही, जो दोनों टीमों के प्रदर्शन का सही आकलन करता है।

इस जीत में प्रमुख योगदान देने वाले भारतीय खिलाड़ी:- 

  • मोहम्मद सिराज: इस मैच में सिराज ने 9 विकेट लेकर ‘मैन ऑफ द मैच’ (Man of the Match) का खिताब जीता। उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से इंग्लैंड को घुटनों पर ला दिया और सीरीज में 23 विकेटों के साथ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे। उनकी वापसी की कहानी और मैदान पर उनका जज़्बा देखने लायक था।
  • प्रसिद्ध कृष्णा: कृष्णा ने भी सिराज का बेहतरीन साथ निभाया। उन्होंने दूसरी पारी में 4 विकेट झटके और इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
  • शुभमन गिल: कप्तान के तौर पर गिल का प्रदर्शन बल्ले और कप्तानी दोनों में अव्वल रहा। उनकी शतकीय परियों ने सीरीज में टीम को मुश्किल से निकाला और एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की।
  • करुण नायर (Karun Nair): पहली पारी में जब भारत की शुरुआत खराब रही, तब करुण नायर ने 57 रनों की जुझारू पारी खेली, जिससे टीम एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सकी।
  • वाशिंगटन सुंदर (Washington Sundar): उन्होंने भी पहली पारी में 26 रन बनाकर नायर का साथ दिया, जिससे टीम एक बेहतर स्थिति में पहुंच सकी।

यह जीत सिर्फ एक मैच की नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे बड़े खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी में इस टीम ने जो प्रदर्शन किया, वह वाकई काबिलेतारीफ है।

इस जीत के बाद, इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम (Brendon McCullum) ने भी भारतीय टीम की तारीफ की और कहा कि यह उनकी देखी हुई सबसे बेहतरीन टेस्ट सीरीज थी। उन्होंने विशेष रूप से मोहम्मद सिराज के प्रदर्शन की सराहना की।

द ओवल की यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएगी। यह उस टीम का प्रमाण है, जो हार मानने से इनकार करती है और हर मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार रहती है।

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