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मुंबई रनवे पर मानसून का खौफ पसरा एयर इंडिया के यात्रियों की जान बाल-बाल बची!

मुंबई का आसमान, मानसून का मौसम और एक हवाई जहाज का संतुलन – ये तीनों जब एक साथ आते हैं, तो कभी-कभी आसमान की उड़ान जमीन पर एक नई कहानी लिख देती है। सोमवार, 21 जुलाई 2025 की सुबह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर कुछ ऐसा ही हुआ, जब भारी बारिश के बीच कोच्चि से आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट AI 2744 रनवे से फिसल गई। गनीमत रही कि पायलट की सूझबूझ और एयरलाइन व एयरपोर्ट के त्वरित रेस्पॉन्स सिस्टम के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित रहे।

Courtesy – NDTV

 

एक सामान्य सुबह, एक असामान्य घटना

सुबह के 9:27 बजे थे। मुंबई में मानसून ने अपनी पूरी ताकत दिखा रखी थी। बारिश की मोटी बूंदें, कम विजिबिलिटी और रनवे पर जमा पानी, ये सब उस समय की चुनौतियां थीं जब एयर इंडिया की कोच्चि से मुंबई आ रही एयरबस A320neo (VT-TYA) विमान CSMIA के रनवे 09/27 पर उतर रहा था। यह एक सामान्य लैंडिंग होनी थी, लेकिन भारी बारिश और गीले रनवे ने स्थिति को जटिल बना दिया।

जैसे ही विमान ने टचडाउन (Touch-Down) किया, नियंत्रण कक्ष और यात्रियों के दिलों की धड़कनें तेज हो गईं। विमान अपनी तयशुदा रनवे पट्टी से कुछ मीटर (लगभग 16-17 मीटर) दूर रनवे के बाहर के एरिया में फिसल गया, जिसे ‘रनवे एक्सकर्सन’ कहा जाता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, विमान के तीन टायर फट गए और इंजन के कपलिंग (ढक्कन) – “coupling” को भी मामूली नुकसान हुआ, संभवतः मलबा या नरम जमीन के संपर्क में आने से। तस्वीरों में विमान के पिछले हिस्से में घास का एक गुच्छा और इंजन पर क्षति के निशान दिखाई दिए, जो इस बात का संकेत थे कि यह कितना करीबी मामला था।

Courtesy – Mint

 

पायलट की सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया
हालांकि, इस मुश्किल घड़ी में पायलटों की सूझबूझ और अनुभव ने यात्रियों की जान बचा ली। विमान अनपेव्ड एरिया (unpaved area) में ज्यादा देर तक नहीं फंसा, और पायलट इसे वापस पक्की सतह पर लाने में कामयाब रहे। इसके बाद, विमान सामान्य रूप से टैक्सी की मदत से अपने पार्किंग बे (गेट) तक पहुंच गया। 

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने तुरंत बयान जारी कर पुष्टि की कि विमान सुरक्षित रूप से गेट तक पहुंच गया और सभी यात्री व चालक दल के सदस्य सकुशल उतर गए हैं। उन्होंने कहा, “21 जुलाई, 2025 को कोच्चि से मुंबई के लिए संचालित उड़ान AI-2744 को लैंडिंग के दौरान भारी बारिश का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप टचडाउन के बाद रनवे से विमान फिसल गया। विमान सुरक्षित रूप से गेट तक पहुंचा, और सभी यात्री तथा चालक दल के सदस्य सकुशल उतर चुके हैं। विमान को जांच के लिए खड़ा कर दिया गया है। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

CSMIA के आपातकालीन प्रतिक्रिया दल भी तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने प्रभावित रनवे 09/27 का निरीक्षण और मरम्मत का काम शुरू किया। इस बीच, परिचालन की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए माध्यमिक रनवे 14/32 को सक्रिय कर दिया गया। मुंबई हवाई अड्डा दुनिया के सबसे व्यस्त सिंगल-रनवे ऑपरेशन हवाई अड्डों में से एक है, क्योंकि इसके दो इंटरसेक्टिंग रनवे हैं और एक समय में केवल एक ही काम कर सकता है। ऐसे में, मामूली घटनाएं भी पूरे एयरसाइड शेड्यूल (Airside Schedule)

पर असर डाल सकती हैं। इस घटना के बावजूद, हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन अप्रभावित रहा, हालांकि कुछ उड़ानों में देरी या डायवर्जन हुए, जैसा कि टाइम्स नाउ और एबीपी लाइव ने बताया।

डीजीसीए की जांच और मानसून की चुनौतियां

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और घटना की जांच शुरू कर दी। यह पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में विमान रनवे से फिसला और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

यह घटना मुंबई के मानसून की चुनौतियों को उजागर करती है। हर साल, भारी बारिश मुंबई हवाई अड्डे के लिए मुश्किल पैदा करती है। गीले और फिसलन भरे रनवे की स्थिति रनवे एक्सकर्सन (runway excursion) के जोखिम को बढ़ाती है। अतीत में भी मुंबई हवाई अड्डे पर मानसून के दौरान कई रनवे एक्सकर्सन हुए हैं। सितंबर 2023 में, विशाखापत्तनम से आ रहा एक VSR वेंचर्स Learjet 45 भी भारी बारिश और खराब विजिबिलिटी के कारण रनवे से फिसल गया था, जिसे हटाने में कई घंटे लग गए थे।

IMD (भारत मौसम विज्ञान विभाग) ने घटना के दिन मुंबई और उसके उपनगरीय जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसमें अगले कुछ घंटों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। सुबह मुंबई के उपनगरों में 115 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कोलाबा में केवल 11 मिमी बारिश हुई। भारी बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया था, जिससे बड़ा ट्रैफिक जाम लग गया था। 

ABP Live के अनुसार, मुंबई हवाई अड्डे ने भी यात्रियों के लिए एक यात्रा सलाह जारी की थी, जिसमें उनसे अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करने और हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त यात्रा समय देने की अपील की गई थी।

Courtesy – The Economic Times

 

सुरक्षा सर्वोपरि

यह घटना एक बार फिर हवाई यात्रा में सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है, खासकर प्रतिकूल मौसम की स्थिति में। विमानन नियामक, एयरलाइंस और हवाईअड्डा प्राधिकरणों को मानसून के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होती है। इस तरह की घटनाओं से सबक सीखा जाता है ताकि भविष्य में उन्हें दोहराया न जा सके। एयर इंडिया का विमान अब जांच और मरम्मत के लिए खड़ा है। इस घटना से हुई मामूली क्षति के बावजूद, यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में विमानन सुरक्षा मानक मजबूत हैं और आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित टीमें तैयार हैं। यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले हमेशा अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें और मौसम अपडेट पर ध्यान दें।

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