15 जुलाई 2025 की दोपहर आई, तो मुंबई का Bandra–Kurla Complex (BKC) कुछ अलग ही रोशनी में चमक रहा था। यह कोई साधारण लॉन्च नहीं था — यह थी Tesla Model Y की भारत में एंट्री की, जिसने पूरे देश में इलेक्ट्रिक कारों की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत कर दी है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़े गर्व के साथ उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, “Mumbai is the right city, and Maharashtra the right state…
मुंबई innovation और sustainability का प्रतीक है, और Tesla इन्हीं मूल्यों का वाहक है।”
सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि भावना थी — Tesla फिल्मी अंदाज़ में इंडिया में अपना पहला कदम रख रही थी।

लंबा सफ़र, बड़ी जीत
यह फैसला रातों-रात नहीं हुआ। Elon Musk ने पिछले साल ट्विटर पर खुद कहा था कि भारत में import duties दुनिया में सबसे ज़्यादा है। दरअसल, 60–100% तक लगने वाले टैक्स ने Tesla की राह में दीवारें खड़ी कर दी थीं।
लेकिन भारत ने “₹500 करोड़ निवेश + local production” वाली नीति ला दी, और वहीं Tesla ने ₹70 लाख की कीमत में Model Y लेकर, पूरी दुनिया को संकेत दे दिया — “हम आ गए”।
इसका मतलब था कि Tesla सिर्फ कार नहीं ला रही — भारत की EV सोच और नीति में बदलाव ला रही थी।
Model Y की खास बातें
मंच सजा था minimalist स्टाइल में, जहां architect Neeta Sharada ने सिर्फ 45 दिनों में showroom तैयार किया। वहां दो वैरिएंट दिखाए गए –
- Standard RWD – 500 किमी रेंज, कीमत ₹59.89 लाख
- Long‑Range RWD – 622 किमी रेंज, कीमत ₹67.89 लाख
और हाँ, Full Self‑Driving (FSD) की सुविधा भी थी, लेकिन भारत में फिलहाल “active driver supervision” ज़रूरी होगी।
तो यह कार सिर्फ तेज़ नहीं, स्मार्ट भी थी।
चार्जिंग की योजना
Tesla ने घोषणा की –
- Mumbai में 4 Super‑charger stations
- Delhi/NCR में और भी प्लान
और वह दावा किया कि सिर्फ 15 मिनट चार्जिंग में 267 किमी रेंज मिल सकती है।
इसे Tesla ने बताया “from 0 to 100” का हिस्सा — मतलब शुरुआत से खत्म तक, हर कदम सोचा समझा था।
दाम पर बहस
अब आते हैं भारत वाले सवाल पर — ₹60‑68 लाख की कीमत, क्या ठीक है? ऑनलाइन उत्तर आया — “TAX‑LA” memes ।
और यह सच भी था — US में $44,990 (₹33 लाख), China में ¥263,500 (₹31.6 लाख), लेकिन इंडिया में यह कीमत टैक्स की वजह से दोगुनी हो गई।
Tesla ने इसे “luxury niche market” का निर्णय बताया — वहाँ जहाँ ग्राहक 4–5% तक का luxury segment खरीदता है।
सरकार और उद्योगपतियों का रवैया
फडणवीस फिर सामने आए, बोले,
“Tesla को महाराष्ट्र innovation hub बनाने में हम सफल होंगे।”
और Anand Mahindra ने ट्वीट किया:
“See you at the charging station…”
सारा इंडस्ट्री Tesla का स्वागत कर रही थी — यह सिर्फ कार नहीं, एक वैचारिक संदेश था—EV और clean-energy की दिशा में।

रास्ते की चुनौतियाँ
जैसा की आप जानते हैं भारत के शहरों की सड़कें कुछ ख़ास नहीं हैं — stray cattle, potholes, chaotic traffic और lane‑driving की कमी।
चार्जिंग नेटवर्क भी अभी शुरुआती दौर में है। और तब तक Tesla luxury buyers से आगे नहीं जा सकता — जब तक ₹20‑30 लाख रेंज में EV नहीं आती।
लेकिन Tesla की रणनीति थी संयम से आगे बढ़ना — Delhi showroom, future local R&D और manufacturing पर विचार।
यह सिर्फ कार नहीं, बहस है भविष्य की
Tesla की एंट्री मतलब सिर्फ Model Y का दौड़ना नहीं — यह भारत की दृष्टि, नीति और तकनीकी सोच का सच महसूस करने जैसा था।
- नीति ने खुला रास्ता दिखाया — import duties में कटौती
- EV इच्छाशक्ति बढ़ी — luxury EVs
- इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारा जायेगा — charging‑station boom
- फ्यूचर इनोवेशन की राह शुरू — autopilot‑ready, R&D व्यवस्था
Tesla बता रही है — भारत केवल बाजार नहीं, वैज्ञानिक और भविष्यवादी दृष्टि का केंद्र बन सकता है।
क्या हम सिर्फ गाड़ी खरीदेंगे, या EV और clean energy को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएँगे?
Mumbai बोली: “Welcome Tesla. हमारी journey अब शुरू होती है।”
