क्यों ज़रूरी है ये योजना?
दिल्ली की सड़कों पर हर दिन सड़क नियमों का उल्लंघन आम बात है। बिना हेलमेट बाइक चलाना, गलत साइड से ओवरटेक करना, रेड लाइट जंप करना, फुटपाथ पर पार्किंग…
सभी जगह पुलिस खुद नहीं पहुंच पाती और कई कसूरवार चालान से बच जाते हैं।
इसलिए, ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों को सक्रिय भागीदार बनाने की सोच के तहत ‘Prahari’ ऐप लॉन्च किया जहाँ आप अपने स्मार्टफोन की मदद से कसूरवार का चालान कटवा सकते हैं और हर महीने बड़े रिवार्ड भी जीत सकते हैं।

ये एप कैसे काम करता है?
ऐप डाउनलोड करें – Play Store या App Store से “Traffic Prahari” या “Traffic Sentinel” डाउनलोड करें।
बस इतना ही — साफ-सुथरी प्रक्रिया और आपकी जागरूकता से कानून लागू!
इनाम कैसे मिलेगा?
इस योजना के तहत हर महीने टॉप चार सक्रिय भागीदारों को नकद ईनाम दिया जाता है:
- 🥇 ₹50,000
- 🥈 ₹25,000
- 🥉 ₹15,000
- 🏅 ₹10,000
जो लोग सबसे ज़्यादा सही रिपोर्ट भेजते हैं, उनको ये इनाम मिलता है — इससे आम नागरिकों को भी नियम का पालन करवाने की प्रेरणा मिलती है।
कैसे बना ये पहल वायरल?
- व्हाट्सएप ग्रुप बने, लोग अपने इलाके को बांटकर रिपोर्ट भेजने लगे हैं।
- कुछ बेरोज़गार युवाओं के लिए ये एक साइड इनकम की राह बनी।
- ऐप का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इसलिए रिपोर्टिंग काफी तेज़ हो गई।
जांच और भरोसे की प्रक्रिया
पुलिस रिपोर्ट्स को सीधे चालान में कन्वर्ट नहीं करती:
- HQ में हर रिपोर्ट की पहचान की जाती है — क्या फोटो असली है, कहीं कोई पर्सनल झगड़ा तो नहीं।
- रिपोर्ट सही पाए जाने पर वाहन मालिक को नोटिस जाता है, और इसके बाद ही ईनाम की प्रक्रिया शुरू होती है।
इस नियम ने गलत रिपोर्टिंग को रोका है और आधिकारिक प्रक्रिया को प्रमाणित बनाया।
क्यों यह पहल शुरू?
- LG VK Saxena ने इस पहल को शुरू किया ताकि लोगों को कानून की पालना में भागीदार बनाया जा सके।
- इसका मकसद था—सड़कों पर सुधार लाना, ट्रैफिक सुधारना और नागरिकों में जागरूकता फैलाना।
पहले से जारी प्रयास
निगरानी और रिपोर्टिंग की सरकारी कवायद यहां शुरू नहीं हुई:
- 2015 में पहली बार ‘Traffic Sentinel’ ऐप लॉन्च हुआ।
- सितंबर 2024 में इसे बेहतर इंटरफ़ेस और रिवार्ड सिस्टम के साथ ‘Traffic Prahari’ के नाम से रीलॉन्च किया गया।
नागरिक और विशेषज्ञों ने क्या कहा?
- Reddit पर भी चर्चा जमकर हुई: कुछ ने कहा “यह अच्छा है, पर गलत इस्तेमाल का डर है”।
- कारटॉक और HT Auto जैसे प्लेटफॉर्म ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया—जहां लोग नियमों का पालन सुनिश्चित करें, उन्हें आमदनी भी हो।
आगे की राह
- रिवार्ड बढ़ाना – अगर Report Status बढ़ती है, तो इनाम राशि भी बढ़ सकती है।
- फ़ीचर ऐड करना – नकली रिपोर्ट को रोकने के लिए Apple iOS वर्ज़न, वीडियो सत्यापन, तेज प्रोसेसिंग लाने की कोशिशें जारी हैं।
- भविष्य पर विचार – और शहरों में भी इसकी शुरुआत हो सकती है; Pune, Mumbai जैसी जगहों पर इसे अपनाने की सोच बनी हुई है।
आम लोगों में क्या प्रभाव?
- ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कम हुआ है—लोग खुद ही नियम पालन में ध्यान लगाने लगे।
- बाइक पर बिना हेलमेट, कार में सीट बेल्ट न पहनने वालों की संख्या घट रही है।
- स्कूल रोड और अस्पताल ज़ोन में ट्रैफिक कंट्रोल बेहतर हुआ है।
जब आम लोग छोटे-छोटे क़दमों से बदलाव लाते हैं, तो सिस्टम खुद ही बदल जाता है।
सुरक्षित रहने के लिए नागरिकों को क्या करना चाहिए?
यदि आप भी ट्रैफिक प्रहरी बनना चाहते हैं, तो याद रखें:
- फ़ोटो जरूर स्पष्ट हो – नंबर प्लेट, दिशा, और समय स्पष्ट दिखें।
- डेट-टाइम-लोकेशन सही भरे – GPS ऑटो लेता है ऐप।
- निजी रंजिश से बचें – व्यक्तिगत हमले न करें।
- सहयोग करें – रिपोर्ट भेजें, सुधार की दिशा में मदद करें।
निष्कर्ष
दुनिया में सुधार तभी आता है जब आम लोग जिम्मेदारी निभाते हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की यह पहल आम लोगों को सशक्त बनाती है—जहाँ आप नियम पालन करवाते हैं अपनी मेहनत से और आपके द्वारा हुए सुधार को पुरस्कार मिलता है।
अगर आप भी ट्रैफिक प्रहरी बनना चाहते हैं:
Google Play -> Download “Traffic Prahari” -> Register -> Spot Violations -> Upload -> Earn Rewards
चलो, अब हम मिलकर दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित बनाते हैं, एक रिपोर्ट, एक चालान, और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में।
