6 जून 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। RBI ने रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती की घोषणा की, जिससे यह 5.5% पर आ गया। इसके साथ ही, कैश रिज़र्व रेशियो (CRR) में भी 100 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई, जिससे यह 3% हो गया। इन घोषणाओं के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखा गया, जहां सेंसेक्स 800 अंक से अधिक चढ़ गया और निफ्टी 25,000 के पार पहुंच गया।

RBI की मौद्रिक नीति की प्रमुख घोषणाएँ
रेपो रेट में कटौती: RBI ने रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती की, जिससे यह 5.5% पर आ गया। यह इस वर्ष की तीसरी लगातार कटौती है, जिससे कुल कटौती 100 बेसिस पॉइंट हो गई है।
CRR में कटौती: बैंकों के लिए कैश रिज़र्व रेशियो को 100 बेसिस पॉइंट घटाकर 3% किया गया है। यह कटौती सितंबर से दिसंबर के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
नीतिगत रुख: RBI ने अपने नीतिगत रुख को ‘अकोमोडेटिव’ (Accommodative) से ‘न्यूट्रल’ (Neutral) में बदल दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि भविष्य में दरों में और कटौती की संभावना सीमित हो सकती है।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
RBI की घोषणाओं के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखा गया
सेंसेक्स: 800 अंक से अधिक की बढ़त के साथ 82,163.22 पर बंद हुआ।
निफ्टी: 25,000 के पार पहुंच गया, जो एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर (psychological level) है।
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र: HDFC बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में क्रमशः 2% और 4.2% की वृद्धि हुई।
ऑटोमोबाइल सेक्टर: हीरो मोटोकॉर्प, टाटा मोटर्स और टीवीएस मोटर के शेयरों में 1% से 2% तक की बढ़त देखी गई।
रियल एस्टेट सेक्टर: गोदरेज प्रॉपर्टीज, प्रेस्टिज एस्टेट्स और महिंद्रा लाइफस्पेस के शेयरों में 1% से 2.5% तक की वृद्धि हुई।

आर्थिक विशेषज्ञों की राय:
RBI के इस कदम को आर्थिक विशेषज्ञों ने सकारात्मक बताया है। उनका मानना है कि रेपो रेट और CRR में कटौती से बैंकों के पास अधिक धन उपलब्ध होगा, जिससे वे अधिक ऋण प्रदान कर सकेंगे। यह उपभोक्ता मांग को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।
निष्कर्ष:
RBI की इस नीतिगत घोषणा ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है। रेपो रेट और CRR में कटौती से न केवल शेयर बाजार में उछाल आया है, बल्कि यह आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहित (boost) करेगा। हालांकि, भविष्य में मुद्रास्फीति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रखना आवश्यक होगा।
