एक नई टेक्नोलॉजी वाली सुबह की शुरुआत
भारत में वियरेबल टेक्नोलॉजी (Wearable Tech) का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है, और इस रेस में एक देसी नाम सबसे आगे निकल गया है – Noise. अमित और गौरव खत्री द्वारा शुरू किया गया ये ब्रांड आज स्मार्टवॉच की दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुका है। Noise ने न सिर्फ इंटरनेशनल ब्रांड्स को टक्कर दी है, बल्कि अपने इनोवेशन, सस्ते दाम और यूथ फ्रेंडली डिज़ाइनों की वजह से इंडिया के दिलों में खास जगह बना ली है।
कैसे शुरू हुआ Noise का सफर
साल 2014 में अमित और गौरव खत्री ने जब टेक एक्सेसरीज की दुनिया में कदम रखा, तब उनका फोकस मोबाइल कवर जैसे प्रोडक्ट्स पर था। लेकिन बहुत जल्दी उन्होंने आने वाले ट्रेंड को पहचान लिया और स्मार्टवॉच और ईयरबड्स जैसे स्मार्ट वियरेबल्स पर ध्यान देना शुरू कर दिया।
लोगों की हेल्थ को लेकर बढ़ती जागरूकता और बजट फ्रेंडली डिवाइसेज़ की डिमांड को देखते हुए Noise ने अपनी प्रोडक्ट लाइन बढ़ाई और धीरे-धीरे इंडियन मार्केट में एक बड़ी हिस्सेदारी बना ली।
Noise की सफलता की चाबी
Noise के टॉप ब्रांड बनने की सबसे बड़ी वजह है उसका D2C (Direct-to-Consumer) मॉडल। मतलब कंपनी सीधे अपने कस्टमर्स से जुड़ती है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रोडक्ट्स बेचती है।
इसके अलावा कुछ और खास वजहें जो Noise को भीड़ से अलग बनाती हैं:
- सस्ती कीमत में प्रीमियम फीचर्स
- हर बार कुछ नया, टेक्नोलॉजी में इनोवेशन
- यूथ को अपील करने वाले स्टाइलिश डिज़ाइन
- सेलिब्रिटी और इन्फ्लुएंसर के साथ मजबूत डिजिटल मार्केटिंग
Fire-Boltt, boAt और दूसरे ब्रांड्स के मुकाबले Noise ने बहुत तेजी से अपने पैर जमाए और इंडिया का नंबर 1 स्मार्टवॉच ब्रांड बन गया।
भारत में स्मार्टवॉच की बढ़ती डिमांड और Noise की ग्रोथ
आजकल हर कोई हेल्थ ट्रैकिंग, फिटनेस, हार्ट रेट मॉनिटरिंग और SpO2 जैसे फीचर्स अपने स्मार्टवॉच में चाहता है। Noise ने इसी ज़रूरत को समझा और ऐसे प्रोडक्ट्स पेश किए जो कम दाम में ये सब फीचर्स दे सकें।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Noise ने कई लगातार कई क्वार्टर्स तक इंडिया में टॉप पोजिशन बनाई रखी है, वो भी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनल्स में मज़बूती के साथ।
Apple और Samsung जैसे ब्रांड्स को कैसे दी टक्कर?
जब बात स्मार्टवॉच की आती है तो Apple, Samsung और Fitbit जैसे ब्रांड्स का नाम पहले आता है। लेकिन इन कंपनियों के प्रोडक्ट्स महंगे होते हैं और एक लिमिटेड ऑडियंस को ही अपील करते हैं।
वहीं Noise ने कम कीमत, ज्यादा फीचर्स की सोच के साथ हर मिडिल क्लास और बजट कंज्यूमर तक पहुंच बनाई।
इंडियन यूजर्स की जरूरतों को समझना और लोकल सोल्यूशंस देना ही Noise की सबसे बड़ी ताकत बन गई।
नतीजा: एक देसी ब्रांड, जो आज ग्लोबल लेवल पर चमक रहा है
Noise की कहानी सिर्फ एक ब्रांड की नहीं, बल्कि एक सोच की भी है – कि अगर आप सही वक्त पर सही जरूरत को पहचान लो, और डिजिटल तरीकों से सीधे कस्टमर से जुड़ो, तो कोई भी ग्लोबल ब्रांड आपको पीछे नहीं कर सकता।
आज Noise सिर्फ स्मार्टवॉच नहीं बनाता, ये एक ऐसा भरोसा बन चुका है जिस पर हर नया यूथ टिक करना चाहता है।
आगे क्या?
जैसे-जैसे इंडिया में स्मार्ट वियरेबल्स की डिमांड बढ़ रही है, Noise का रास्ता और भी मजबूत होता जा रहा है। इनोवेशन, सस्ते दाम और डिजिटल ताकत के साथ Noise आने वाले सालों में और भी ऊंचाइयों तक जाने की तैयारी में है।
अमित और गौरव खत्री की जोड़ी ने ये साबित कर दिया है कि भारत में बना एक ब्रांड भी दुनिया को टेक्नोलॉजी में लीड कर सकता है।

