अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल ही Apple के CEO टिम कुक से कहा कि वे भारत में iPhone निर्माण का विस्तार न करें, बल्कि अमेरिका में उत्पादन बढ़ाएं। ट्रंप ने यह बयान कतर में एक बिजनेस समिट के दौरान दिया। उन्होंने कहा, “मैंने टिम से कहा, ‘तुम मेरे दोस्त हो, मैंने तुम्हारे साथ अच्छा व्यवहार किया है। लेकिन अब मैं सुन रहा हूं कि तुम भारत में प्रोडक्शन बढ़ा रहे हो। मैं नहीं चाहता कि तुम भारत में प्रोडक्शन न बढ़ाओ।”

भारत में Apple का विस्तार और ट्रंप की आपत्ति
Apple ने हाल के वर्षों में भारत में अपने निर्माण कार्यों का विस्तार किया है, विशेष रूप से Foxconn और Tata जैसे साझेदारों के माध्यम से। 2024 में, भारत से iPhone का निर्यात $12.8 बिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42% की वृद्धि है। तमिलनाडु इस उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
ट्रंप की आपत्ति ऐसे समय में आई है जब Apple चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए भारत में निर्माण बढ़ा रहा है। ट्रंप ने कहा, “हमने चीन में तुम्हारे सभी प्लांट्स को सहन किया है, लेकिन अब हम नहीं चाहते कि तुम भारत में निर्माण करो। भारत अपनी देखभाल खुद कर सकता है।”

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर प्रभाव
ट्रंप के इस बयान से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। बीते कुछ दिनों में, भारत ने अमेरिकी स्टील और एल्युमिनियम पर शुल्क बढ़ाने के जवाब में जैसे को तैसा शुल्क लगाने की धमकी दी थी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क हटाने की पेशकश की है, हालांकि इस पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निष्कर्ष
ट्रंप का यह बयान Apple और अन्य अमेरिकी कंपनियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे अपने निर्माण कार्यों को अमेरिका में केंद्रित करें। यह भारत के लिए एक चुनौती हो सकती है, जो वैश्विक विनिर्माण हब बनने की दिशा में प्रयासरत है। हालांकि, भारत की बड़ी उपभोक्ता बाजार और कुशल कार्यबल इसे एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Apple और अन्य टेक कंपनियां अपने वैश्विक उत्पादन रणनीतियों में क्या बदलाव करती हैं और भारत-अमेरिका व्यापार संबंध कैसे विकसित होते हैं।
