किराना हिल्स: पाकिस्तान का परमाणु भंडार
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा जिले में स्थित किराना हिल्स एक महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्र है, जिसे पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह क्षेत्र पहाड़ियों और सुरंगों से युक्त है, जहां माना जाता है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों को रखता है। 1980 के दशक में, पाकिस्तान ने यहां ‘किराना’ नामक परमाणु परीक्षण किए थे, जो 1990 तक जारी रहे।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की प्रतिक्रिया
22 अप्रैल 2025 को, भारत के कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की मृत्यु हो गई। इसके जवाब में, भारत ने 6 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में नौ स्थानों पर हवाई हमले किए। भारत ने दावा किया कि ये हमले जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों पर किए गए थे।

किराना हिल्स पर हमले की अफवाहें
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई कि भारत ने पाकिस्तान के किराना हिल्स में स्थित परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल एके भारती ने स्पष्ट किया कि भारत ने किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया है। उन्होंने कहा, हमने किराना हिल्स पर कोई हमला नहीं किया, जो कुछ भी वहां है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और परमाणु तनाव
भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं, और उनके बीच बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय है। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, रूस, चीन और अन्य देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया है।
निष्कर्ष
किराना हिल्स और ऑपरेशन सिंदूर के घटनाक्रम ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक नया मोड़ ला दिया है। जहां भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, वहीं पाकिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है। परमाणु हथियारों की उपस्थिति इस तनाव को और भी गंभीर बना देती है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए आवश्यक है कि वे संयम बरते और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजे ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति बनी रहे।
